ग्रहों ने दिलाया पद व प्रतिष्ठा

एक ज्योतिषी को सर्वधिक खुशी तब होती है जब उसकी भविष्यवाणी सच साबित होती है |इश्वर की कृपा से मुझे यह खुशी अनवरत प्राप्त हो रही है | ज्योतिष की गणना में निरन्तर निखार आता जा रहा है लगभग 8 वर्षों से ज्योतिष के प्रति समर्पण से यह स्थिति बन पाई है| मेरे पास आज भी सौभाग्य दीप का यह अंक फरवरी 2000 सुरक्षित रखा है जब मैंने ज्योतिष कि पहली पात्रिका अपने जीवन में पढ़ी और वहीं से ज्योतिष का ज्ञान बढ़ता चला जा रहा है | इसके लिए सौभाग्य दीप के संपादक महोदय को धन्यवाद देना चाहूंगा जिन्होंने मेरा पूरा साथ दिया और अपने परिवार के साद की भांति प्यार दिया | इस निस्वार्थ प्रेम के प्रति मैं नतमस्तक हूं |

मैं इस लेख में अपनी भविष्यवाणी या यों कहें कि अपनी गणना प्रस्तुत करूंगा |

 

कुण्डलीं संख्या -1

जातक का नाम गोहड

जन्म तिथि -13  अक्तूबर 1975

समय -2:37 प्रातः (ग्वालियर)

मैं इस जातक से लगभग 6 वर्षों से संपर्क में हूं | इस जातक ने बी.. मैकेनिकल एम.आई.टी.एस. कॉलेज से की है | फिर शिक्षा के क्षेत्र से अपनी आजीविका प्रारम्भ की

वह मेरे teacher भी रह चुके हैं | कॉलेज में ये teacher भी रह चुके हैं | कॉलेज मे इन्होंने M-Tech sponsor की पढाई भी पूरी की |

1.महादशा राहु अन्तर्दशा बुध 2005 तक | मेरे ज्योतिषीय शोध का अन्तर आता है तब यह परिवर्तन जरूर करवाता है | इस जातक के जीवन में भी परिवर्तन आना अवश्यम्भावी था | परिवर्तन सकारात्मक होगा या नहीं यह राहु व बुध ग्रह की स्थिति पर निर्भर करता है यहां पर जातक की

 कुण्डली में राहु पराक्रम भाव का स्वामी शुक्र केन्द्र में बलवान (लग्न में) स्थिति है तथा बुध अपनी उच्च कन्या राशि में सूर्य के साथ है | अतः परिवर्तन सकारात्मत होगा |

राहु की महादशा तथा बुध की अंतर्दशा में जातक का अचानक PSC (लोक सेवा आयोग) की और रुझान हुआ और जातक ने तैयारी शुरू कर दी | विषय लोक प्रशासन व दूसरा विषय Anthropology.

नोट- जातक यदि कोई भी हो यदि वह पी0सी0एस0, आई00एस0 की तैयारी कर रहा है तथा यदि उसकी पात्रिका में गुरु धनु कर्क या मीन राशि में है तो वह लोक प्रशासन विषय ले | यदि राहु 3,6,11  में हो ता Anthropology ले | नम्बर आशा से अधिक आयेंगें यह मेरा अनुभव है | जातक को तैयारी के लिए कम समय मिला तथा तैयारी ठीक तरह से नहीं हो पाई | मैंने जातक को यह फलित बताया था  की उसे कोई न कोई पद जरूर मिलेगा | क्योंकि राहु की महादशा में बुध का अन्तर सकारात्मक परिणाम देगा | राहु पराक्रम भाव में अच्छी स्थति में है तथा बुध सूर्य के साथ के साथ शासकीय सत्ता प्रदान करने में सक्षम है | लग्न सिंह होने से राजपत्रित अधिकारी का योग और अधिक द्रढ़ हो गया | जातक का कहना था कि उसे कोई पद नही मिल पाएगा | परीक्षा ज्यादा ठीक नही गया फिर भी में पूरी तरह आशान्वित था | मैने साक्षात्कार के लिए गुलावी रंग की शर्ट पहन कर जाने को कहा क्योंकि शुक्र दशमेश होकर लग्न में बलवान स्थिति में है | फलादेश में मैंने उन्है बताया कि आपको कोई न कोई पद अवश्य मिलेगा | फिर एक दिन जातक का फोन आया कि वह डिप्टी जेलर के पद पर नियुक्त हुआ हे | मैंने ईशवर को धन्यवाद दिया | फिर मैंने कुण्डली का और अध्ययन किआ क्योकि मैं यह जनता था कि पराक्रम का रहु ऐसे हिम्मत नही हारेगा उच्च पद कि ओर आगे जरुर ले जाएगा | महत्वपूर्ण यह भी है कि पुलिस का पद क्यों मिला ? इस बात को काफी गहराई से मैने सोचा तो देखा कि द्वादश भाव जेल स्थान में शनि है जो जेल या पुलिस से सम्बंडे बता रहा है | यह योग संकरात्मक है क्योकि द्वादशेश अपनी राशि को देख रहा है तथा मीन राशि के गुरू की कर्क के शनि पर उच्च द्रष्टी है | मंगल की चौथी द्रष्टी व शनि की तीसरी द्रष्टी सूर्य पर है | मंगल पर रहु की नवम द्रष्टी है तथा मंगल नवांश में पंचमहापुरुष राजयोग बना रहा है अतः पुलिस प्रशासन में जाने का पूरा योग है | जातक पुलिस में नौकरी करेगा, यह स्पष्ट हो चूका था | फिर एक दिन मैंने देखा कि कुण्डली में एक बड़ा राजयोग सिंहासनराजयोग बन रहा है | यह राजयोग  तब बनता है जब द्वितीय, षष्ठ, अष्टम व द्वादश में ग्रह स्थित हों तो जातक राजा तुल्य होता है तथा उसे सत्ता प्राप्त होती है, या यो कहें कि उसे अधिकार प्राप्त होते हें | अब जातक पुनः पी.एस.सी. की परीक्षा में बैठा | राहु में शुक्र का अन्तर चल रहा था | मैंने उसने खा कि अब वह द्वितीय श्रेणी का राजपत्रिक अधिकारी बनेगा | क्योकि दशमेश की राशी तुला में राहु पराक्रम में स्थित है | बहुत ही अच्छी स्थिति बन रही थी | मैं पहले ही जनता था कि जातक पुलिस में ही नोकरी करेगा | सौभाग्य से DydyDy.S.P  के पद ज्यादा थे | अन्त में मेरे पास फोन आया कि वह Dy.S.P.बन गया हे | अंततः मेरी भविष्यवाणी सफल हुई जो मैंने उसे कि थी |